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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ सबरीमाला संरक्षण समिति ने किया हड़ताल का ऐलान

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ सबरीमाला संरक्षण समिति ने किया हड़ताल का ऐलान

तिरुवनंतपुरम | केरल सरकार के रुख और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ सबरीमाला सरंक्षण समिति एवं सबरीमाला कर्म समिति ने गुरुवार को हड़ताल का आह्वान किया है। यह हड़ताल सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगी। इसका समर्थन भाजपा की केरल इकाई ने भी किया है। इसके अलावा प्रवीण तोगड़िया के नवगठित संगठन अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद भी संगठन के फैसले के साथ है।

प्रदर्शनकारियों में कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ता भी: सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश देने के खिलाफ आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों में भाजपा और कांग्रेस के भी कई सदस्य शामिल हैं। विरोध स्वरूप ‘नामजपा’ (प्रार्थना) कर रहे लोगों को पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद भाजपा नेताओं का समूह उसी स्थान पर नामजपा शुरू कर दी। इसके नेतृत्व भाजपा के राज्य महासचिव के सुंरेंद्रन, एम टी रमेश और शोभा सुरेंद्रन ने किया। वहीं केरल कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष के. सुधाकरण ने निलाकल में विरोध कर रहे लोगों का नेतृत्व किया और श्रद्धालुओं के साथ एकजुटता दिखाई।

यह हिंदू नवजागरण और हिंदू रूढ़िवाद के बीच की लड़ाई : भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सबरीमला मुद्दे को हिंदू नवजागरण और हिंदू रूढ़िवाद के बीच एक लड़ाई के रूप में बताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, हमारा संगठन विराट हिंदुस्तान समागम कानून के शासन के पक्ष में है और हमें कानून से पहले समानता बनाए रखनी चाहिए।

विरोध के चलते आंध्रप्रदेश की एक महिला को भगवान अयप्पा स्वामी के दर्शन किए बिना लौट आई। पूर्वी गोदावरी जिला निवासी माधवी शीर्ष अदालत के फैसले के बाद सबरीमला पहाड़ी पर चढ़ने वाली पहली प्रतिबंधित आयु वर्ग की महिला है। माधवी बुधवार सुबह परिवार के साथ मंदिर पहुंचने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई थी। लेकिन अयप्पा सेना के कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और वापस जाने को कहा।


पुलिस ने सुबह महिला यात्रियों का रास्ता रोक रहे कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। इनमें कुछ पुजारी और उनके परिवार के सदस्य शामिल है। मंदिर के संरक्षक पंडालम शाही परिवार के कुछ सदस्यों को भी हिरासत में लेने की खबर है।