Home राज्य छत्तीसगढ़ खबर का असरः तहसीलदार द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने मामले को लेकर...

खबर का असरः तहसीलदार द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने मामले को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीणों को समझाने पहुंचे एसडीएम मंडावी, कार्यवाही का दिया आश्वासन

591
खबर का असरः तहसीलदार द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने मामले को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीणों को समझाने पहुंचे एसडीएम मंडावी, कार्यवाही का दिया आश्वासन

कोटवार द्वारा जमीन में कब्जे को लेकर एसडीएम न्यायालय में अपील करने की बात एसडीएम मंडावी में ग्रामीणों से कही-
रवि भूतड़ा
बालोद।
एक्स आर्मी ऑफिसर और ग्रामीणों से गुरुर के तहसीलदार द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने एवं कोटवार के द्वारा जमीन पर अवैध कब्जा करने को लेकर ग्राम चिरचारी के ग्रामीणों ने सांकेतिक धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी। जिसे लेकर सीजीआज डॉट कॉम ने शीर्षक “एक्स आर्मी ऑफिसर व ग्रामीण अध्यक्ष से गुरुर के तहसीलदार ने किया अभद्र व्यवहार, विरोध में आज गांव व स्कूल बंद“ समाचार का प्रकाशन प्रमुखता से किया था। जिसके बाद एसडीएम हरेश मंडावी ने खबर को तत्काल संज्ञान में लेते हुए ग्रामीणों ने बीच गांव चिरचारी पहुंचे।


जहां उन्होंने ग्रामीणों की समस्या सुन कार्यवाही करने का आश्वासन दिया तथा जिस जमीन पर गांव के कोटवार ने अवैध कब्जा कर के रखा है, उसपर गांव वालों के द्वारा एसडीएम न्यायालय में अपील करने की बात एसडीएम हरेश मंडावी ने ग्रामीणों से कही। गौरतलब हो कि जिले के गुरुर विकासखंड के ग्राम चिरचारी के एक्स आर्मी ऑफिसर व ग्रामीण अध्यक्ष सुमन्त राम खरेंद्र ने गुरुर के तहसीलदार रोहित सिंह पर मारपीट कर गाली गलौच व अभद्र व्यवहार किए जाने का गंभीर आरोप लगाया था और गांव को कोटवार गंगाराम द्वारा स्कूल के सामने की जमीन को अवैध कब्जा करने की शिकायत नहीं की थी। जिसके चलते आज बुधवार को ग्राम चिरचारी के ग्रामीणों द्वारा स्कूल व गांव बंद का आव्हान किया गया था।

ये है पूरा मामला-

रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर व ग्रामीण अध्यक्ष सुमन्त राम खरेंद्र ने बताया कि ग्राम पंचायत अर्जुनी के आश्रित ग्राम चिरचारी में शासकीय प्राथमिक शाला के प्रांगण पर अनाधिकृत रूप से काबिज का गांव के ग्रामीणों द्वारा दावा आपत्ति पेश एवं ग्रामीणों को तहसीलदार द्वारा पट्टा नही दिए जाने की आश्वासन के उपरांत बिना किसी सूचना के पट्टा जारी करने व कोटवार को बुलाने पर ग्रामीणों को बिना किसी सूचना के तहसीलदार एवं पटवारी द्वारा गांव में आकर ग्रामीणों की पक्ष सुने बगैर ग्रामीणों से अभद्र व्यवहार, गाली गलौच व मारपीट करने तथा विभिन्न धाराओं के तहत जेल भेजने की धमकी देने एवं तहसीलदार द्वारा स्कूल को तोड़ने व गांव में बुलडोजर चलाने की धमकी दी गई थी। जिसके विरोध में ग्रामीणों द्वारा बुधवार को लोकतांत्रिक ढंग से गांव के ही शाला प्रांगण पर स्कूल को बंद कर के अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन करने मे आव्हान ग्रामीणों द्वारा किया गया था।