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बालोद जिले के गावों के ‘‘घुरवा‘‘ कम्पोस्टपिट को जैविक खाद की लघु उत्पादक इकाइयों में बदलाव के कलेक्टर ने दिए आवश्यक दिशानिर्देश

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बालोद जिले के गावों के ‘‘घुरवा‘‘ (कम्पोस्टपिट) को जैविक खाद की लघु उत्पादक इकाइयों में बदले जाने हेतु कलेक्टर ने दिए आवश्यक दिशानिर्देश

रवि भूतड़ा

बालोद- कलेक्टर किरण कौशल ने कहा कि जिले के किसानों को रबी सीजन में दलहन-तिलहन फसल उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करें। कौशल संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कृषि विभाग और उद्यान विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देशित कर रही थी। उन्होंने जिले में रबी फसल का रकबा और रबी फसलों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता की जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान में 54 हजार 750 हेक्टेयर में रबी फसल की बुआई हुई है।

कलेक्टर ने विकासखण्डवार गन्ना क्षेत्र विस्तार के लक्ष्य की जानकारी ली और निर्देशित किया कि किसानों को गन्ना क्षेत्र विस्तार के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर प्रोत्साहित करें। बैठक में बताया गया कि किसानों को गन्ना क्षेत्र विस्तार के लिए 270 प्रशिक्षण आयोजित करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। जिसके तहत किसानों को कृषि चैपाल के माध्यम से गन्ना लगाने हेतु मार्गदर्शन दिया जा रहा है। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, स्वायल हेल्थ कार्ड की प्रगति आदि की जानकारी ली।

कलेक्टर ने गावों के ‘‘घुरवा‘‘(कम्पोस्टपिट) को चिन्हांकित कर ‘‘घुरवा‘‘ (कम्पोस्टपिट) को जैविक खाद की लघु उत्पादक इकाइयों में बदले जाने हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। उन्होंने गाय के गोबर से खाद और गोबर गैस बनाने हेतु प्लानिंग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को उपयुक्त स्थल का चिन्हांकन कर नर्सरी तैयार करने निर्देशित किया।

उन्होंने जिले में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिए जाने हेतु भी प्लानिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में कृषि विभाग, उद्यान विभाग, पषुधन विकास विभाग सहित अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।