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बिना मुआवजा के ही किसानों के खेतों में सड़क चौड़ीकरण का काम हुआ शुरू, पीड़ित किसानों ने कलेक्टर जनदर्शन में लगाई गुहार

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रवि भूतड़ा
बालोद। जिले के गुंडरदेही पीडब्ल्यूडी विभाग में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। यहाँ पीडब्ल्यूडी ने ऐसा कारनामा किया है, जिसे देख व सुनकर आप दंग ही रह जाएंगे। यहां पीडब्ल्यूडी विभाग ने किसानां की जमीन को बिना अधिग्रहण करे ही किसानों के खेत में ही सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया है। इधर पीडब्ल्यूडी विभाग की इस गड़बड़ी की गूंज जिला कलेक्टोरेट तक चली आई है और ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को इस मामले की जाँच व जमीन का मुआवजा दिलाने की मांग की है। इधर इस मामले को लेकर गुण्डरदेही एसडीएम ने भी कहा की अगर किसानां की जमीन पर सड़क बन रहा है तो जमीन का अधिग्रहण भी होना चाहिए और इस मामले को दिखवाने की बात भी कही है।

13 करोड़ की लागत से बन रही 10 किमी की सड़क-

जानकारी के मुताबिक़ बटरेल, कुथरेल, भाठागांव(आर) और परसाही मार्ग पर कुल 10किमी सड़क चौड़ीकरण का कार्य हो रहा है। जिसमें 4 गांव के लगभग 40 से अधिक किसानां की जमीन निर्माण की चपेट में आ रही है। ग्रामीण होरी लाल ठाकुर ने बताया की पीडब्ल्यूडी विभाग ने जब सड़क चौड़ीकरण का कार्य प्रारंभ किया तो किसी भी किसान को इसकी जानकारी नहीं दी गई और बिना जानकारी के ही खेत में मिट्टी-मुरूम डाल दिया गया है और जब किसान ने मुआवजे की बात कही तो पीडब्ल्यूडी ने साफ़ कहा की इस कार्य में मुआवजा का कोई प्रावधान नहीं है। जिसके बाद तो ग्रामीण आगबबूला हो गए। जिसकी शिकायत करने दर्जनों ग्रामीण सोमवार को कलेक्टर जनदर्शन पहुंचे थे।

किसानो के सवाल पर पीडब्ल्यूडी अधिकारी मौन-

जब किसानों ने इस सम्बंध में गुण्डरदेही पीडब्ल्यूडी एसडीओ से चर्चा किए तो उनके द्वारा कुछ जवाब ही नहीं दिया। जब सीजीआज डॉट कॉम ने पीडब्ल्यूडी एसडीओ एसएन नाथ के मोबाईल फोन पर कई बार संपर्क करना चाहा तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया। यही हाल पीडब्ल्यूडी के ईई एमएल उइके का भी रहा।

किसानों ने कहा- हमारी जमीन पर सड़क बन रहा है तो देना ही पड़ेगा मुआवजा-

किसान लोकेश यदु ने कहा ग्राम परसाही के ही लगभग 24 किसानों की जमीन इस सड़क चौड़ीकरण की चपेट में आ रही है। मिट्टी व मुरूम बिछ जाने के कारण पटवारी को खेत नापने में मुश्किल हो रही है और किस किसान का कितना खेती-जमीन इस सड़क चौड़ीकरण में आ रहा है, यह भी पता नहीं चल पा रहा है। पीड़ित किसानों ने जनदर्शन में आकर कहा है कि सड़क चौड़ीकरण का कार्य हमारी जमीन पर बन रहा है तो जमीन का मुआवजा भी देना होगा।