@ दिलीप जायसवाल

अम्बिकापुर। गांधीनगर इलाके के शांतिपारा में चोरों ने 25 लाख से अधिक के ज्वेलरी पार कर दिया। जब घटना हुई तब घर मे कोई नही था। पुलिस संदेहियों को हिरासत में लेकर सघन पूछताछ कर रही है। पुलिस के मुताबिक 60 वर्षीय आशा सिंह अपनी बहू रानी सिंह व पोते-पोती के साथ रहती है। स्कूल की छुट्टी होने के कारण बहू बच्चों के साथ मायके ओडग़ी चली गई है।

वहीं आशा सिंह उत्तरप्रदेश बलिया में शादी समारोह में शामिल होने गई है। इस दौरान घर की देखरेख का जिम्मा उन्होंने अपने दूसरे पुत्र रणधीर बहादुर सिंह व बहू रश्मि सिंह को दे दिया था। बेटा प्रतापपुर के ग्राम केंवरा में शिक्षक है और सहेली गली केदारपुर में रहता है। बीच-बीच मे आशा सिंह की बेटी प्रिया सिंह भी घर की देखरेख करती थी।


बुधवार की सुबह 9 बजे बेटा व बहू चेकअप कराने हॉस्पिटल गए थे। हॉस्पिटल से दोनों रात 9 बजे लौटे और गेट का ताला खोलकर घुसे तो देखा कि दरवाजे में होल किया हुआ है। ताला खेालकर जब भीतर घुसे तो 2 बेडरूम में रखी आलमारी, पेटी, सुटकेस टूटा तथा सारा सामान बिखरा था। उनकी मां की आलमारी में रखे सोने-चांदी के करीब 25-30 लाख के जेवर व 25 हजार रुपए नकद गायब थे। चोरी की सूचना बेटे रणधीर सिंह ने तत्काल गांधीनगर पुलिस को दी। गांधीनगर टीआई व क्राइम ब्रांच की टीम सहित अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।

 पुराने जमाने के थे जेवर
आशा सिंह के 3 बेटे व बहू हैं। उनकी आलमारी में बहू-बेटों के जेवर भी रखे हुए थे। पुराने जमाने के सोने-चांदी के जेवर थे। बहू व बेटा ने चोरी गए जेवरों की कीमत करीब 25-30 लाख रुपए बताई है। चोरी गए जेवरों में सोने की मोहरें, सोने का हार, सोने की चेन, कंगन, अंगूठी, चांदी का पायल, चांदी का नारियल सहित अन्य जेवर थे।

दरवाजे को काटकर चोरों ने किया प्रवेश
चोरों ने गेट को फांदकर मकान परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद दरवाजे का ताला तोडऩे की जगह उसे काटकर प्रवेश किया। जितनी लंबाई-चौड़ाई में दरवाजा काटा गया है उसमें से कम उम्र के लोग ही घुस सकते हैं। बहू-बेटों के अनुसार वारदात को दोपहर में अंजाम दिया गया होगा, क्योंकि देर शाम तक वहाँ लोगों की आवाजाही बना रहता है।