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नारायणपुर में बवाल के बाद राज्यपाल से मिला आदिवासी समाज, ये की मांग

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नारायणपुर में बवाल के बाद राज्यपाल से मिला आदिवासी समाज, ये की मांग

रायपुर। नारायणपुर में बवाल के बाद बस्तर से आए आदिवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल अनुसुईया उइके से मुलाकात की। इस दौरान समाज प्रमुखों ने बताया कि भोले-भाले आदिवासियों को बरगलाकर और प्रलोभन देकर मिशनरियों द्वारा धर्मांतरण कराया जा रहा है। साथ ही आदिवासियों के साथ मारपीट की घटनाएं भी की जा रही हैं। इस घटना को लेकर समाज ने न्याय की मांग की है।

इस मुलाकात के बाद राज्यपाल उइके ने प्रतिनिधिमंडल को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। उन्‍होंने कहा कि किसी निरपराध आदिवासी पर आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्हें पूरे मामले की जानकारी है और वो लगातार अपडेट ले रही हैं। राज्यपाल ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस और प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि आदिवासियों के साथ मारपीट करने वाले मतांतरितों पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि हिंसा में शामिल पादरी और मतांतरितों के नाम ज्ञापन में भी दिए हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक भोजराज नाग, मोड़ोराम कोडो (नारायणपुर), राजहोराम उसेंडी, रनाय उसेंडी, सियाबत्ती दुग्गा, बेबी ज्योति, शिगलूराम दुग्गा, रमेश दुग्गा आदि शामिल थे।

गौरतलब है कि नारायणपुर के एड़का थाना क्षेत्र के गोर्रा ग्राम में एक जनवरी 2023 को मिशनरियों ने मूल आदिवासी संस्कृति को मानने वाले ग्रामीणों पर जानलेवा हमला किया था, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण घायल हुए थे। इस हिंसा के दौरान ईसाइयों ने धर्मांतरण का विरोध करने वाले ग्रामीणों, आदिवासी पुजारियों और नेतृत्वकर्ताओं को जान से मारने का भी प्रयास किया था। इस दौरान एसपी भी घायल हो गए थे।