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केन्द्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने फिर दिया विवादित बयान, कहा- बाबर का कोई वंशज नहीं है, राम ही सबसे आराध्य

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केन्द्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने फिर दिया विवादित बयान, कहा- बाबर का कोई वंशज नहीं है, राम ही सबसे आराध्य

कानपुर. यूपी के कानपुर शहर पहुंचे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अयोध्या मामले को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दे डाला। सर्किट हाउस में उन्होेंने कहा कि 6 दिसंबर भारतवासियों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। इतिहास के दोनों पक्षों में यह दिन महत्वपूर्ण है। कुछ लोग इसके एक पक्ष को देखते हैं तो कुछ लोग दूसरे। लोगों में आज आक्रोश भी है। इतने साल हो गए न कोर्ट ने निर्णय दिया और न किसी सरकार ने इस मामले को सही ढंग से सुलझाने की कोशिश की। कई सरकारें अड़चन लगाती रहीं।

राजनैतिक दलों की वोट की छदम धर्मनिर्पेक्षता की राजनीति के कारण उसमें एक बार नहीं कई बार अड़चनें आईं। सबसे बड़ा बाधक है भारत के सांस्कृतिक और राजनैतिक विकास में छदम धर्मनर्पेक्षता की राजनीति। क्या ये सही नहीं है कि देश का बंटवारा धर्म के आधार पर हो। देश का बंटवारा नहीं हुआ, जिन्ना ने मुस्लिम सम्प्रदाय के लोगों ने साथ मिलकर पूरी योजना के तहत ऐसा किया। एक तरफ अाजादी की लड़ाई लड़ी जा रही थी दूसरी तरफ भारत के टुकड़े करने की साजिश चल रही थी।

इस बुरी राजनीति ने भारत को तोड़ने का काम किया। देश का टुकड़ा हुआ है धर्म के आधार पर। भारत की अच्छी संस्कृति का फायदा लोगों ने उठाया है। मुगलकाल के पहले भारत के वेद में जाति नहीं वर्ण का वर्णन है। मुगलों के बाद अंग्रेजों ने देश को और खंडित किया। नेहरू ने इसे तार-तार किया। आज करपात्री जी महाराज हैं नहीं, उन्होंने विसंगतियों को लेकर कई बार विरोध किया। हम खड़े हुए जाति के नाम पर और मुस्लिम खड़े हुए धर्म के नाम पर।

हिंदुओं में जाति की और मुस्लिमों में मुसलमान की राजनीति बुरी पार्टियों ने की। नेहरू ने सोची समझी साजिश के तहत ऐसा किया था। सारे राजनैतिक दल जातियों के बहाव में बहते चले गए। आज हमारी पहचान हिंदू नहीं है, सनातनी नहीं है हमारा बंटवारा जाति के आधार पर हो गया है। जहां-जहां हिंदुओं की आजादी गिरती है वहां सामाजिक समरता टूटती जा रही है। कुछ मुस्लिम भाई थ्रेट भी कर रहे हैं ऐसे मुसलमान भाईयों से मैं अपील करता हूं कि मंदिर बनाएं। क्योंकि आज मैं अपना धर्म परिवर्तन कर लूं। मेरे भाई का वंशज और मेरा वंशज हम सभी के पूर्वज एक ही हैं। बाबर का कोई वंशज नहीं है। प्रभु राम ही सबके आराध्य हैं। सब मिलकर देश को एकजुट करें।

अगर ऐसा नहीं करेंगे तो मेरे अंदर इन लोगों के प्रति घृणा होगी। मंदिर टूट गए। लोग भाग गए और धर्म परिवर्तन हुआ। ये हमारे भारत और सनातन धर्म का विशाल हृदय है कि हम सबको लेकर चलते हैं। मंदिर कहीं भी राम का बन जाए किसी को क्या फर्क पड़ता है। हज करने वेटिकन सिटी क्यों नहीं जाया जा सकता। जब वो वेटिकन सिटी नहीं जा सकते, अयोध्या नहीं जा सकते तो मैं भी अयोध्या के सिवा कहीं जा नहीं सकता। बुलंदशहर में हिंदुओं ने मुस्लिम भाईयों को मंदिरों में नमाज पढ़ने के लिए बुलाया। मंदिरों में नमाज हो सकती तो मस्जिद में राम की पूजा क्यों नहीं हो सकती। प्रभु श्रीराम के पुरुषार्थ के सहारे ही मंदिर का निर्माण होगा।